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अयोध्या में लगी 144 की धारा

राम मंदिर बनाम बाबरी मस्जिद का मुकद्दमा जो कि सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच पर चल रहा है। जिसका फैसला 17 नवंबर के पहले कभी भी आ सकता है।

न्यायमूर्ति रंजन गोगोई 17 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले है ,और इसी कारण वे इस मसले का फैसला सुनाकर ही सेवानिवृत्ति लेना चाहते है। फैसले के पहले पूरे उत्तरप्रदेश में खासकर अयोध्या में सुरक्षाबलों की भारी संख्या में तैनाती कर दी गई है , जहां संपूर्ण अयोध्या अब सुरक्षाबलों की छावनी बन चुकी है।

अयोध्या वासियों को इस बात की चिंता है कि फैसले के बाद देश मे दंगे फसाद न हो। लोगों ने अपने घरों में खाने पीने की चीजों के साथ – साथ और भी जरूरत के सामानों को भरना शुरू कर दिया है। कई लोग कुछ वक्त के लिए अयोध्या से अपने परिवार को लेकर दूसरे स्थानों के लिए पलायन कर चुके हैं। कई आम लोगों ने अपने घरों में होने वाले शादियों को कुछ वक्त के लिए टाल दिया है।

वहीं कुछ मुसलमान परिवार जो मंदिर और आस पास के इलाकों में रहते है उनका कहना है कि , उन्हें खुद के और उनके परिवार की सुरक्षा की काफी चिंता है। जब पिछले वर्ष विश्व हिंदू परिषद एवं शिवसेना के लोग अयोध्या पहुँचे थे तब कुछ मुसलमान परिवारों ने अयोध्या से पलायन कर लिया था।अब भी शायद ऐसा कुछ होने वाला है।

जब अयोध्या के आम नागरिकों से मीडिया ने बात की तो उनका कहना था कि उन लोगों ने अपने घरों में जरूरत के सामानों का जकीरा जमा कर लिया है और अब सभी फैसले का इंतज़ार कर रहे है। अयोध्या के लोगों का कहना है कि यहां हिंदू और मुसलमान आपस में नहीं लड़ते। समस्या तब होती है जब बाहरी भीड़ अयोध्या में प्रवेश करती है।

ज़िला प्रशासन ने अयोध्या के धर्म गुरुओं के साथ शांति सभा का आयोजन कर लोगों से शांत रहने और न डरने की अपील की है, साथ ही जिला प्रशासन ने आगे यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ी तो अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती पूरे अयोध्या में कर दी जाएगी।

डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अनुज झा का कहना है कि, पिछले दिनों अयोधया में हुई हिंदू महंतों एवं मुस्लिम इमामो की शांति सभाओं में केवल जनता की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया। और हमने सबको आश्वस्त किया है कि संवेदनशील इलाकों की पूरी रेकी सुरक्षा बलों द्वारा की जाएगी और जो भी सुरक्षा के लिहाज़ से उचित कदम होंगे ,उठाए जायेंगे। 2010 की सुनवाई के वक्त भी अयोध्या में ऐसी ही व्यवस्था की गई थी। अयोध्या में एवं पूरे भारत मे जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह के भड़काऊ सन्देश या वीडियो व्हाट्सएप या किसी भी सोशल साइट्स पर न डालें एवं अफवाहों से बचे रहें। फिलहाल अयोध्या में धारा 144 लागू है।

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