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मेरठ में भी होगा अब मिनी चिड़ियाघर

मेरठ:  उत्तर प्रदेश सरकार पश्चिमी प्रदेश में भी मिनी चिड़ियाघर की स्थापना की तैयारी कर रही है। जिसमें मेरठ और मुरादाबाद दो स्थानों का चयन हुआ है। वहीं वन एवं पर्यावरण विभाग ने भी सरकार को इसका प्रस्ताव दे दिया है। अब बस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हरी झंडी का इंतजार है। मौजूदा समय में प्रदेश में तीन चिड़ियाघर है लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर।

मुरादाबाद के रामगंगा नदी के किनारे स्थित बसंतपुर रामराय वन खंड की 64.15 हेक्टेयर वन भूमि आरक्षित है। 1989 में वन चेतना केंद्र की स्थापना इसी जगह पर हुयी थी। यह स्थान डियर पार्क के नाम से भी जाना जाता है। नदी के तटीय क्षेत्रों को छोड़कर करीब 50 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राणि उद्यान की स्थापना करने का प्रस्ताव है। इसी में 25 हेक्टेयर क्षेत्रफल को अधोसंरचना विकास और शेष भाग को हरित रखा जाएगा। वहीं शुरुआत में इस प्राणि उद्यान में चीतल, सांभर, काला हिरन, बारहसिंघा, खरगोश, उदबिलाव, नेवला आदि छोटे जीवों को रखने के साथ-साथ नौकाविहार, डक पौंड, हर्बल गार्डन, तितली पार्क, नेचर ट्रेल आदि का भी व्यवस्था रहेगा। वहीं छोटे वन्यजीवों को रेस्क्यू कर लाये हुये को इलाज करने के बाद जंगल में छोड़ने का भी प्रबंध रहेगा|

दिल्ली के 12 एकड़ में फैले संजय वन को 1982 में चेतना केंद्र के रूप में बसाया गया था। यहां सैकड़ों की संख्या से भी अधिक प्रजातियों के पक्षियों के साथ-साथ पेड़-पौधों की भी सैकड़ों प्रजातियां है। जानवरों की बात करें तो यहां पर नीलगाय का बड़ा झुंड रहता है। साथ ही खरगोश, लोमड़ी, अजगर भी यहां के वासी है। पार्क में झूला लगा है और नर्सरी भी है।

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