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15 अगस्त स्पेशल : देश का मान बढ़ाने का संकल्प , दूसरी ओर रक्षा करने का वादा

जहां एक ओर पूरा भारत देश आज़ादी के 73वें वर्षगांठ का जश्न मना रहा है वहीं दूसरी ओर बहनें अपने भाईयों के कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना करने में जुटी हुई है ।

कुछ ऐसा ही नजारा कुछ दिन पहले कोल्हापुर में और अहमदाबाद में देखने मिला है जिसे देख हर किसी का भी दिल भर जाएगा।

जवानों संग रक्षाबंधन का त्योहार

देश में जब भी संकट या किसी भी तरह की आपदा दस्तक देती है उसका जवाब देने के लिए हमारे देश के जवान निःस्वार्थ भाव से अपने जान की बाजी लगा कर देश की सुरक्षा करते है।

वैसे तो देश के जवानों और सुरक्षाकर्मियों के बहादुरी के बहुत से किस्से है , लेकिन हालही में प्रदर्शित इनके कारनामों ने कई भारतीय नागरिकों का दिल जीत लिया है। पिछले 10 दिनों से महाराष्ट्र में भारी बारिश हुई है, जिसके चलते राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण बहुतों का नुकसान हुआ , किसी के घर का पता नहीं तो किसी का परिवार बिखर गया , न-जाने कितनों को अपने जान-माल से हाथ धोना पड़ गया।

गौरतलब है कि ऐसे में देश के जवान और एनडीआरएफ की टीम ने बाढ़ से ग्रस्त हर क्षेत्र में जाकर लोगों की जान बचाई है।

कोल्हापुर के स्थानीय निवासियों का मानना था की, “एनडीआरएफ जवानों का हमारे ऊपर बहुत आभार है इस समय वह अपने परिवार से दूर हैं और हमारे जीवन को बचाने में लगे हैं और इसीलिए वे हमारे सम्मान के लायक हैं”

वहीं एनडीआरएफ के इस काम और बहादुरी से प्रभावित होकर कोल्हापुर की महिलाओं ने उन्हें अपना रक्षक मानकर अपना भाई बना लिया,महिलाओं का मानना है की , इस बार हम रक्षाबंधन अपने रक्षक भाई के साथ मनाएंगे , क्योंकि जिस तरह हर भाई अपनी बहन की रक्षा करता है वैसे ही इन जवानों ने इनकी रक्षा की है। महिलाओं ने एनडीआरएफ की टीम को राखी बाँधते हुए अपना आभार व्यक्त किया है।

इस सम्मान को स्वीकारते हुए एनडीआरएफ के जवान नीतीश कुमार ने कहा की , “मेरी एक बहन है , परंतु फोर्स में होने के कारण मैं उससे मिलने नहीं जा सकता हूँ ।हम बहुत खुश हैं कि हमें यहां भी बहने मिल गई”।

आपको बता दें कि पुणे डिवीजन में बाढ़ और भारी वर्षा के बाद मरने वालों की संख्या 43 तक पहुंच गई है। जबकि 3 लोग लापता हैं। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक 584 ग्रामीणों में 4 लाख 74 हजार के करीब लोगों की जान बचाई गई है।

24 वर्षों से प्रधानमंत्री मना रहे भाई होने का कर्तव्य

एक तरफ देश की आजादी के वर्षगांठ का जश्न तो दूसरी ओर पीएम नरेंद्र मोदी की पाकिस्तानी बहन कमर मोहसिन शेख भी मोदी जी को राखी बांधने दिल्ली पहुंची है।

हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री जी अपनी पाकिस्तानी मूल की बहन के साथ मना रहे हैं राखी का त्यौहार, वह पिछले 24 सालों से प्रधानमंत्री मोदी को राखी बांध रहीं है।

कमर मोहसिन शेख का जन्म पाकिस्तान में हुआ है, वह शादी के बाद भारत आ गई थी । कमर खुद को गर्व से हिंदुस्तानी मानतीं हैं। मोहसिन की पहचान पीएम मोदी से तब हुई जब वो संघ की कार्यकर्त्ता थे। काम के सिलसिले में कमर मोहसिन शेख का मोदी से मिलना जुलना होता था। एक बार रक्षाबंधन के दिन जब मोहसिन मोदी जी से मिली तब उन्होंने राखी बांधने की बात मोदी जी से कही तो उन्होंने ख़ुशी से अपना हाथ आगे कर दिया। तब से लेकर हर साल वो नरेंद्र मोदी जी को राखी बांधती आ रही हैं। मोहसिन को लगा की मोदी जी के इस साल उनके व्यस्त कार्यक्रम की वजह से वो उन्हें राखी नहीं बांध सकेगीं लेकिन पीएम मोदी ने दो दिन पहले ही उन्हें फोन करके दिल्ली बुला लिया।

कमर ने बताया कि पीएम मोदी शुरू से ही लोगों के लिए काम करने में विश्वास रखते थे और उनकी मेहनत, ईमानदारी और लग्न का नतीजा है कि वह आज भारत के प्रधानमंत्री हैं, इससे बड़ी कोई खुशी नहीं हो सकती कि एक प्रधानमंत्री मेरे भाई हैं,यह मेरे लिए गर्व की बात है।

कमर ने एएनआई एजेंसी द्वारा अपनी खुशी व्यक्त की और कहा कि , ‘मुझे हर साल एक बार बड़े भाई को राखी बांधने का अवसर मिलता है। मैं बहुत खुश हूं। मैं प्रार्थना करती हूं कि अगले 5 साल उनके लिए इतने अच्छे हों कि पूरी दुनिया उनके द्वारा किए गए सकारात्मक फैसलों को पहचान सके। मैं उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी प्रार्थना करती हूं।

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